Vajrasana In Hindi | वज्रासन और उसके फायदे

Vajrasana एक सरल बैठ के करने वाला योग अभ्यास है। इसका नाम संस्कृत शब्द वज्र से आया है, जिसका अर्थ है कठोर/ मजबूत / प्रबल है। संस्कृत में वज्रम् का अर्थ हीरा भी होता है। यह आपके शरीर को हीरे की तरह मजबूत बनाने में मदद करता है।

समस्त योगआसनों (Yogasana) में वज्रासन ही एकमात्र ऐसा आसन है, जिसे भोजन या नाश्ता करने के उपरांत किया जा सकता है। वास्तव में, यह भोजन करने के ठीक बाद किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य के लिए वज्रासन अभ्यास अति लाभदायक होता है। वज्रासन (Vajrasana) हर उम्र का व्यक्ति सरलता से कर सकता है। इस आसन को अंग्रेज़ी में Diamond Pose कहा जाता है।

वज्रासन वज्र नाड़ी को सक्रिय करता है, जो अच्छे पाचन को बढ़ावा देता है और यकृत कार्यों को सहायता करता है। आपके श्रोणि क्षेत्र में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है और पेट में रक्त का प्रवाह बढ़ जाता है जिसके कारण मल त्याग और पाचन बेहतर हो जाता है।

आइये जानते है कि वज्रासन कैसे करें और इसके लाभ क्या – क्या है।

वज्रासन करने की विधि | Vajrasana Steps in hindi

वज्रासन करने की विधि इस प्रकार है :

1. घुटने के बल खड़े हो जाये ।
2. पंजो को पीछे फैलाकर एक पैर के अंगूठे को दूसरे पैर के अंगूठे पर रख दीजिये। 
3. अपने घुटनों को मिला लीजिये। 
4. इस प्रकार बैठिये की आपके नितम्ब पंजों के बीच में रहे। 
5. हथेलियों को अपने घुटनों पर रखें।
6. सिर, गर्दन और रीढ़ की हड्डी को एकदम सीधा रखे। 
7. अपनी आँखें बंद करें और साँस लेने और साँस छोड़ने पर ध्यान केंद्रित करें।

यह नए अभ्यासियों के लिए सरल और उपयुक्त है। नए अभ्यासियों के पैरों में थोड़े समय के अभ्यास से दर्द हो सकता हैं। कुछ दिनों के अभ्यास से दर्द नहीं होगा। यह आसन दिन में किसी भी समय किया जा सकता है।

समय

वज्रासन का जितना संभव हो , उतने समय तक इसका अभ्यास कर सकते हैं। भोजन के पश्चात्त इसे कम से कम ५ मिनट के लिए इसका अभ्यास करना ही चाहिए। भोजन के बाद इसका अभ्यास पाचन – क्रिया को तीव्र करता है।

वज्रासन के लाभ | Vajrasana Benefits

वज्रासन के अनेक लाभ है। यह इसके कुछ महत्वपूर्ण लाभ है :

  • शरीर में रक्त प्रवाह में सुधार करने में वज्रासन एक उत्तम आसन बताया गया है।
  • यह पाचनशक्ति (Digestive System) को बढ़ाता है। जो अपचन से ग्रस्त है उनके लिए यह बहुत उपयोगी है।
  • रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है और दर्द को मिटाता है।
  • यह ध्यान करने के लिए उत्तम आसन है। इससे मन को शांति मिलती है।
  • घुटने और एड़ी के जोड़ लचीले होते हैं गठिया वात रोग की सम्भावना काम होती है।
  • प्रतिदिन वज्रासन करने से जांघें और घुटनें मज़बूत बनते हैं।
  • वज्रासन करने से कमर के निचले हिस्से से पैर तक के सारे स्नायुओं को कसरत मिलती है।
  • अधिक मात्रा में भोजन कर लेने के बाद होने वाली बेचैनी वज्रासन करने से दूर हो जाती है।
  • यह पेट की रोगो जैसे छाले आदि से छुटकारा दिलाने में अति उपयोगी है।

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