योग/आसन के पूर्व के निर्देश एवं सावधानियाँ

योग/आसन के पूर्व के निर्देश एवं सावधानियाँ का अध्ययन करना बहुत ही आवश्यक है। यद्यपि कोई भी व्यक्ति योग/आसन करना प्रारम्भ कर सकता है परन्तु यह प्रभावशाली तभी हो सकता है जब इसे उचित तरीके से किया जाये।

योग/आसन के पूर्व के निर्देश एवं सावधानियाँ इस प्रकार है :

१. आँतो को खाली रखना

आसनों का अभ्यास करने से पूर्व मूत्राशय और आँते खाली कर लेना उचित होता है। यदि आपको कब्ज रहता है तो आसनों से पूर्व प्रतिदिन मल-त्याग का एक निश्चित समय अवश्य बना लें। जोर न लगायें , बल्कि पूरे शरीर को ढीला छोड़ दें। कुछ दिनों के बाद आँते स्वयं प्रतिदिन निश्चित समय पर मल-निष्कासन करने लगेगी।

२. पेट को खाली रखना

आसन करते समय पेट खाली रहना चाहिए। भोजन के ३-४ घंटे बाद ही आसन करने चाहिए। आसन करने के लिए प्रातःकाल का समय सबसे उचित माना जाता है। इस समय हमारा पेट अवश्य ही खाली रहता है।

३. श्वास-प्रश्वास

श्वास हमेशा नाक से ही लेना चाहिए। आसनों के विवरण में जिस प्रकार निर्देश दिया गया हो श्वास-प्रश्वास उसी प्रकार करे।

४. अभ्यास करने का स्थान

आसनों का अभ्यास खुले एवं हवादार कमरे में करना चाहिए। आसपास का वातावरण शांत एवं स्वच्छ होना चाहिए। कमरे की हवा शुद्ध एवं ताज़ी होनी चाहिए , जिससे श्वास लेने के साथ अधिक मात्रा में ओषजन वायु (Oxygen) ग्रहण कर सके।

आसनों का अभ्यास आप बाहर भी किसी ऐसे स्थान पर कर सकते है जहा का वातावरण शुद्ध एवं सुहावना हो।

तेज हवा में , सर्दी में , धुएँ में , बदबूदार एवं गन्दगी युक्त स्थान पर आसनों का अभ्यास नहीं करना चाहिए।

५. अभ्यास का समय

आसनों को भोजन के बाद के समय को छोड़कर कभी भी किया जा सकता है। परन्तु इन्हे करने का सबसे उचित समय प्रातःकाल ४ से ६ बजे का है। इस समय वातावरण शुद्ध , शांत व ऊर्जा से परिपूर्ण रहता है। इस समय हमारा मन शांत रहता है और दिन के बाकी समय की तरह विचारो से भरा नहीं रहता है।

६. वस्त्र कैसे होने चाहिए

आसन करते समय हमें ढीले , हलके और आरामदायक वस्त्र पहनने चाहिए। आसन करने के पूर्व चश्मा , कलाई घडी , आदि उतार देना चाहिए।

७. किसे आसन नहीं करना चाहिए

ऐसे व्यक्ति जिन्हे पेट में छाले , टीबी या अन्य कोई दीर्घ रोग हो अथवा जिनकी हड्डी टूट गयी हो , उन्हें आसनों का अभ्यास करने से पूर्व किसी योग – शिक्षक अथवा डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

८. योग , प्राणायाम का क्रम

सबसे पहले आसन करना चाहिए , फिर प्राणायाम और अंत में ध्यान करना चाहिए।

यह भी पढ़े : Asana/Yogasana In Hindi | आसन/योगासन

Leave a Comment