Desi Ghee Ke Fayde Aur Khane Ka Sahi Tarika

आज हम आपको आयुर्वेद की दृष्टि से घी का पूरा science समझाएँगे। कैसे घी बच्चे, बूढ़े, जवान, स्त्री या पुरुष, बीमार या स्वस्थ हर किसी के लिए एक कमाल की दवा और tonic बन सकता है। “Desi Ghee ke fayde” इस लेख में आप देशी घी के फायदे, नुकसान और घी खाने के सही तरीके के बारे में विस्तार से जानेंगे।

स्वस्थ रहने के लिए घी का सेवन करना बहुत फायदेमंद माना जाता है। घी का सेवन शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए ही बहुत अच्छा है। सभी प्रकार के घी में देशी गाय का घी सबसे अच्छा माना गया हैं।

लोगों का मानना है कि घी के सेवन से मोटापा में वृद्धि होती है। किन्तु यह बात देशी गाय के घी के सन्दर्भ में सही नहीं है। हमारे प्राचीन आयुर्वेद के अनुसार घी के सही तरीके से प्रयोग करने से शरीर संतुलित हो जाता है और शरीर पुष्ट होता है।


देशी घी के फायदे | Desi Ghee Ke Fayde

घी के बारे में सबसे सही जानकारी महर्षि वाग्भट्ट ने अपने ग्रन्थ अष्टांग ह्रदय में दी है। महर्षि वागभट्ट ने घी के निम्नलिखित फायदे बताये है –

1. मस्तिष्क के लिए

आपके दिमाग के लिए दुनिया में सबसे अच्छी दवा की बात की जाये तो वह है – “घी”। बुद्धि, स्मृति ( स्मरणशक्ति ), मेधा ( धारणाशक्ति वाली बुद्धि ) तीनों के लिए यह उत्तम है।किसी बात को समझना, याद करना या उसे दुबारा रिकॉल करना इन तीनों दिमाग के काम पर घी सबसे अच्छा काम करता हैं।

ऐसे सभी लोग जो दिमाग का काम करते हो, विद्यार्थी हो या दिमागी बीमारियों से ग्रसित हो जैसे – चिंता, शोक, भय या क्रोध। इन सभी के लिए घी सबसे अच्छा tonic है।

2. अच्छे पाचन के लिए (जठराग्नि)

हमारे शरीर में हम जो भी खाते है उसे पचाने के लिए जठराग्नि का अच्छा होना बहुत आवश्यक है। घी हमारी जठराग्नि को बढ़ाता है। ऐसे लोग जिनकी पाचन शक्ति कमजोर हो गयी है उनके लिए घी बहुत लाभकारी है।

3. बल और आयु

घी का सेवन करने से हमें शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार का बल प्राप्त होता है। घी बहुत अच्छा tonic होने के कारण अच्छा, स्वस्थ और लम्बा जीवन जीने के लिए भी सहायक होता है।

4. शुक्र धातु

हमारे शरीर में सात धातु होती है – रस, रक्त, मांस, मेद, अस्थि, मज्जा और शुक्र। ये धातु हमारे शरीर कोप धारण करने का काम करती है। और इन सभी धातु को पोषण करने के लिए घी सबसे उत्तम दवा है।

5. आँखों के लिए

अगर आप चाहते है कि आपकी आँखे लम्बे समय तक सुरक्षित रहे, आँखों में किसी तरह की बीमारी न हो खासकर आजकल जब हम मोबाइल, इंटरनेट आदि में हमेशा लगे रहते है। तो इसके लिए घी बहुत अच्छा है। आप दो बूंद देशी गाय का घी आंखों में भी डाल सकते है इससे आंखों की ज्योति बढ़ती है।

6. कान्ति (Glow) के लिए

जिन्हें चेहरे पर कान्ति (Glow) या softness चाहिए। हम सभी सुन्दर और handsome दिखना चाहते है। और इसके लिए हम बहुत सारे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स लगाते रहते है परन्तु ये सभी आपको सिर्फ बाहर से सुन्दर बनाने का काम करते है। घी ऐसी चीज है जो आपको अंदर से सुन्दर बनता है, आपके चेहरे पर ग्लो लता है। आपकी skin को सॉफ्ट बनता है।

7. वात और पित्त को संतुलित करता है  

वात और पित्त के असंतुलित होने से शरीर में 120 से भी ज्यादा रोग हो सकते हैं। देशी गाय के घी के सेवन से वात और पित्त के प्रभाव को कम किया जा सकता है। जिससे इनके के प्रकोप से होने वाले रोगों से बचाव होता है।


घी खाने का सही तरीका

  • नाभि के नीचे की बीमारियाँ है तो तब आपको घी भोजन करने से पहले खाना चाहिए।
  • अगर आपको नाभि के आसपास की बीमारियाँ है तो आपको घी भोजन के बीच में खाना चाहिए अर्थात् अगर आप ४ रोटी कहते है तो २ रोटी के बात घी खालो फिर बाकी की २ रोटी खालो।
  • अगर आपको ऐसी बीमारी है जो पुरे शरीर में होती है (circulatory diseases) तो आपको दोपहर के खाना के बाद घी खाना चाहिए।
  • जब लोगो को श्वास से सम्बंधित रोग हो जैसे दमा आदि तब भोजन में मिलकर घी लेना चाहिए।
  • तथा गले से ऊपर के रोगो के लिए रात को सोते समय घी खाना चाहिए।

कौन सा घी सर्वश्रेष्ठ है

देशी गाय के दूध को मिट्टी के बर्तन में जमाकर। फिर उसे बिलोकर मक्खन बनाया जाता है। फिर मिट्टी के बर्तन में ही उसे धीरे-धीरे पकाते है, तब पकने के बाद छाछ के अंश को अलग करने से जो पदार्थ तैयार होता है, वह सबसे अच्छा घी हैं।


पुराने घी के फायदे

पुराना घी बहुत से रोगों में फायदेमंद होता है। बड़े – बड़े असाध्य रोगों में भी पुराना घी उपयोगी साबित हो सकता है। आयुर्वेद के अनुसार 10 सालों तक संरक्षित करके रखा गया घी “पुराना घी” कहलाता है। 100 साल तक रखे गए घी को “कुम्भघृत” और 100 साल से भी ज्यादा वक्त से रखे गए घी को “महाघृत” कहा जाता है।


घी के विभिन्न प्रयोग 

घी का इस्तेमाल खाने के आलावा और भी बहुत सी जगह होता है। प्राचीन काल से ही घी को कई अलग तरीकों से इस्तेमाल किया जाता है। उनमें से कुछ प्रमुख तरीके निम्न हैं :

  • औषधि के साथ मिलाकर लेना
  • घी से मालिश करना
  • चेहरे पर लगाना
  • नस्य कर्म ( नाक में घी डालना )

घी का नुक्सान

अति सर्वत्र वर्जयेत” अति हमेशा नुकसान पहुँचाती है। अगर आप स्वाद या फायदे के चक्कर में घी का कुछ ज्यादा ही सेवन करते हैं तो घी का नुकसान भी हो सकते हैं। घी खाने के बाद ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए।


Note :- यहाँ जो भी बातें बताई गयी है ये सभी सिर्फ देशी गाय के शुद्ध घी के लिए है। 

हमें आशा है कि आपको यह लेख ”Desi Ghee ke fayde” पसंद आया होगा।
आपके कोई प्रश्न हो या आप कुछ सुझाव देना चाहते है तो Comment करे।

यह भी पढ़े : स्वास्थ्य क्या है | Swasthya Kya hai in hindi

FAQ questions

घी के अनेक फायदे होने पर भी आपको एक दिन में दो - तीन चम्मच से अधिक घी नहीं खाना चाहिए।
देशी गाय के घी से वजन नहीं बढ़ता है। भैंस के घी से वजन बढ़ता है और वह लाभदायक भी नहीं होता।
घी के अनेक लाभ है। स्मरणशक्ति बढ़ती है, पाचन अच्छा होता है, बल बढ़ता है, आँखों की रौशनी बढ़ती है।
देशी गाय का हाथ से बिलोया हुआ घी सब से उत्तम होता है।
100 साल तक रखे गए घी को “कुम्भघृत” और 100 साल से भी ज्यादा वक्त से रखे गए घी को “महाघृत” कहा जाता है।
अगर आप स्वाद या फायदे के चक्कर में घी का कुछ ज्यादा ही सेवन करते हैं तो घी का नुकसान भी हो सकते हैं। घी खाने के बाद ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए।

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